
डॉ. विनय के. गोयल
मानद महासचिव
इंस्टीट्यूशन ऑफ वैल्यूअर्स, दिल्ली
इस संस्था का गठन केंद्र और राज्य सरकारों तथा आम जनता के लिए मूल्यांकन से संबंधित विषयों पर विचारों के निर्माण, ज्ञान के प्रसार और शिक्षा के कार्य में सहायता करने के लिए किया गया है। यह मूल्यांकनकर्ताओं, सरकारी विभागों, बैंकिंग संस्थाओं और आम जनता को उनकी समस्याओं को सुलझाने और मूल्यांकन तकनीकों में कठिनाइयों को दूर करने के लिए अपनी मासिक पत्रिका इंडियन वैल्यूअर (जो संस्था के सदस्यों को निःशुल्क प्राप्त होती है) के माध्यम से तथा पूरे भारत में नियमित रूप से संगोष्ठियों/व्याख्यानों/कार्यशालाओं का आयोजन करके सलाहकार सेवा भी प्रदान करती है।
संस्था की फ़ेलोशिप केवल उच्च योग्यता प्राप्त इंजीनियरों और अन्य सक्षम मूल्यांकनकर्ताओं को प्रदान की जाती है, जिनके पास विभिन्न परिसंपत्ति श्रेणियों में मूल्यांकन कार्य में कम से कम 10 वर्षों का व्यावहारिक अनुभव हो। सभी सदस्य संस्था द्वारा प्रतिपादित आचार संहिता और व्यावसायिक नैतिकता से बाध्य हैं।
अपनी स्थापना के बाद से इस संस्था ने भारत के विभिन्न स्थानों पर अचल और चल संपत्तियों तथा अन्य परिसंपत्तियों के मूल्यांकन से संबंधित राष्ट्रीय संगोष्ठियों का आयोजन किया है और इनका उद्घाटन विभिन्न राज्यपालों, कैबिनेट मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों आदि द्वारा किया गया है। हमारी संगोष्ठियाँ अत्यंत सफल और लोकप्रिय सिद्ध हुई हैं और इनमें केंद्र/राज्य सरकार के विभागों और पूरे भारत के मूल्यांकनकर्ताओं के बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने भाग लिया है।
इंस्टीट्यूशन ऑफ वैल्यूअर्स ने अपने सभी आजीवन सदस्यों के नाम और पते दर्शाने वाली वेबसाइट भी प्रारंभ की है। यह प्रगतिशील कदम संस्था द्वारा बढ़ते कंप्यूटर युग के साथ कदम मिलाने के लिए उठाया गया है। कई संगठन संस्था को सदस्यों के नाम वेब पर प्रकाशित करने का सुझाव दे रहे हैं ताकि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार मूल्यांकनकर्ताओं के नाम प्राप्त कर सकें।
यह पहला प्रयास है और हम जानते हैं कि इसमें कई कमियाँ हो सकती हैं। हम इस वेबसाइट के सभी उपयोगकर्ताओं से कृतज्ञतापूर्वक बहुमूल्य सुझावों की अपेक्षा करते हैं। इससे हमें इसे उनके लिए और अधिक उपयोगी बनाने में सहायता मिलेगी जो इसका मुख्य उद्देश्य है।
डॉ. विनय के. गोयल
मानद महासचिव, आई ओ वी
